बीएचयू मामला: रेप नहीं, बाकी सब कुछ किया Banaras Hindu University

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बीएचयू मामला: रेप नहीं, बाकी सब कुछ किया Banaras Hindu University Vc Girish Tripathi 

दिल्ली एक बात समझ में नहीं आती की जब लड़कियों को छेड़े जाने की बात वो अपने आप कह रही है तो कानून उनके खिलाफ कारवाही क्यों नहीं कर रहा भारत में जब महिला के लिए उनको क़ानूनी अधिकार दिए जाने के लिए संसद से लेकर राजनेता उनकी पैरवी में उतर रहे तो आखिर यहाँ पर ऐसा कोण सा तमाशा हो रहा है जब इतने दिनों से लड़किया धरने पर रह कर अपने खिलाफ हो रहे ऐसे कारनामो को लेकर धरना दे रही है जिसका सामाजिक विरोध होने के साथ क़ानूनी रूप से कारवाही किये जाने वाला पुलिस डंडा बजाया जाना जरुरी है।

बीएचयू मामला: रेप नहीं, बाकी सब कुछ किया

बीएचयू में 21 सिंतबर को एक स्टूडेंट के साथ छेड़छाड़ की गए थी। इसके बाद लड़कियों ने कैम्पस में विरोध-प्रदर्शन किया। हालात आगजनी तक पहुंच गए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही लड़कियों पर लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने करीब 1000 स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। लाठीचार्ज मामले में 5 अफसरों को हटा दिया गया।डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने बनारस के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 2 अक्टूबर तक बंद करने के आदेश दिए हैं।

बीएचयू स्टूडेंट्स ने एडमिनिस्ट्रेशनलेटर में बताई थी 4 परेशानियां
1. हॉस्टल से आने-जाने का रास्ता सेफ नहीं है। रात में सिक्युरिटी गार्ड्स की तैनाती की जाए।
2. आए दिन रास्ते में छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं।
3. इंटरनेशल स्टूडेंट्स के साथ भी छेड़छाड़ होती रहती है।
4. लड़के हॉस्टल के बाहर आकर आपत्ति‍जनक हरकतें करते हैं।

बीएचयू स्टूडेंट्स ने रखी तीन डि‍मांड
1. आरक्षी (कॉन्टेबल) की तैनाती पूरी रात तक की जाए।
2. हॉस्टल के आसपास लाइट लगाई जाए।
3. हॉस्टल के रास्ते में होने वाली आपत्त‍ि‍जनक हरकतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाएं जाएं।
22 सितंबर को दी गई एफआईआर में बाइक सवार 2 अज्ञात व्यक्तियों पर केस दर्ज किया गया है। विक्टि‍म ने बताया, ”भारत कला भवन के पास से गुजर रही थी। अचानक से दो बाइक सवार आए और छेड़खानी करते हुए भाग गए। लाइट नहीं होने के कारण गाड़ी का नंबर भी नहीं दिखा। मैं चिल्लाई थी, गार्ड चौराहे पर थे, लेकिन किसी भी तरह की मेरी मदद नहीं हुई। मैं रोते हुए अपने दोस्तों के पास गई, जो बेहोशी की हालत में मुझे हॉस्टल ले गए। उन्होंने गार्ड से बात की तो उन्होंने कहा कि हमने कुछ देखा ही नहीं। गार्ड ने कहा- लड़की तो सामने से रोते हुए गुजरी, पर उसने कुछ बताया ही नहीं। गलती तुम लड़कि‍यों की है। कौन कहता है कि 6 बजे के बाद बाहर निकलने को।”

छेड़छाड़ की विक्टिम लड़की के दोस्त ने बताया- “लड़के आए और हमारे साथ छेड़छाड़ करने लगे। उन्होंने मेरी फ्रेंड के साथ बस रेप नहीं किया, बाकी सबकुछ किया।” बीएचयू मामले को लेकर जिस कदर हंगामा करते हुए लड़कियाँ अपनी आवाज़ को बुलंद कर रही वो कही न कही समाज के उन लोगो के मुँह पर भी तमाचा है जो इनका विरोध कर रहे है भारत में इस तरह का विरोध खुल कर कभी सामने नहीं आता रहा है लेकिन जिस तरह सामाजिक जीवन में लड़कियों के साथ ये सब हो रहा है उसके लिए कानून में इतना कड़ा क़ानूनी हथियार होने के बाद भी कारवाही नहीं किया जाना साबित कर रहा है महिलाओं के लिए बनाये गए क़ानूनी नियम सिर्फ उन लोगो पर उपयोग किये जाते है जिनका शोषण किया होता है सामजिक जीवन में लड़कियों के साथ हो रहा ये अपमान क्या ये बताये जाने के लिए काफी नहीं की कानून अँधा होता है

आखिर ये इशारा किसकी तरफ कर गए वीसी
बीएचयू में छात्राओं से छेड़छाड़ और लाठीचार्ज के विवाद में राजनीतिक दलों से लेकर कई छात्र संगठन बीएचयू वीसी. गिरीश चंद्र त्रिपाठी को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग पर वीसी ने जवाब दिया कि कौन करेगा हमें सस्पेंड? बीएचयू वीसी ने कहा कि ‘कौन करेगा हमें सस्पेंड, किसे है यह राइट, जिसको जो अधिकार है वही करेगा या उससे आगे जाएगा’ पूरे मामले पर वाराणसी के कमिश्नर ने चीफ सेक्रटरी को भी जो रिपोर्ट दी है उसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस बारे में पूछने पर वीसी. त्रिपाठी ने कहा कि 24 घंटे के भीतर क्या सारे तथ्य पता चल जाते हैं? वीसी यूनिवर्सिटी की एग्जिक्युटिव काउंसिल की मीटिंग में शामिल होने मंगलवार दोपहर दिल्ली आए और शाम को वाराणसी लौट गए।

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