आहूजा पैथोलॉजी एंड इमेजिंग सेन्टर पर जांच करवाने जा रहे तो हो जाये सावधान

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आहूजा पैथोलॉजी एंड इमेजिंग सेन्टर पर जांच करवाने जा रहे तो हो जाये सावधान:Alok Ahuja Pathology diagnostics DEHRADUN
देहरादून। अगर आप भी किसी बीमारी के इलाज को लेकर देहरादून में इस लैब पर अपनी जांच करवाने जा रहे है तो सावधान हो जाये कही आपकी जांच रिपोर्ट सही है या नहीं इसको किसी दूसरी जगह पर एक बार जरूर दिखा ले क्योकि देहरादून में आहूजा पैथोलॉजी एंड इमेजिंग सेन्टर एश्लेहोल की रिपोर्ट पर यकीन किया जाना सही नहीं देहरादून के इस परिवार को मैक्स अस्पताल के इस डॉक्टर ने इलाज के नाम पर गलत तरह से अँधेरे में रखा गया यही नहीं इलाज के नाम पर कई बार देहरादून के इस परिवार का इलाज कर लाखो रूपए लिए गए लेकिन जब हकीकत पता चली तब तक काफी देर हो चुकी थी परिवार की महिला को गलत इलाज के बाद अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।

देहरादून में इसी तरह के कई लैब जांच के नाम पर मोटी रकम वसूल तो करती है लेकिन उनकी जांच में आने वाली रिपोर्ट कितनी सही है इसका पता लगाया जाना काफी कठिन होता है ऐसे में आप भी अगर अपनी किसी बीमारी को लेकर जांच या डॉक्टर से इलाज करवा रहे है तो एक बार किसी दूसरी जगह पर अपनी बीमारी को लेकर जरूर पूछ ले कही आप भी देहरादून के इस परिवार की तरह किसी धोके का शिकार तो नहीं हो रहे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनाँक 7 जुलाई 2018 को नितेश मल्होत्रा पुत्र श्री रवि मल्होत्रा नि0 112/4नेशविला रोड, देहरादून का जांच शुदा मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून महोदय की लिखित जांच रिपोर्ट कि वर्ष 2014 में वादी नितेश मल्होत्रा द्वारा अपनी पत्नी श्री मति नेहा मल्होत्रा के अचानक पेट मे दर्द होने के कारण उपचार हेतु मैक्स सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल मंसूरी रोड देहरादून में डॉ0 दरश दोदमनी को चेक कराया जिसमे उनके द्वारा परीक्षण कर बताया कि आपकी पत्नी की दायीं किडनी खराब है, जिसको निकलना पड़ेगा ,जिस पर किडनी निकाल दी गयी, उसके 3 महीने बाद पेट मे गांठ बन गयी, जिसको फिर उन्ही डॉ को चेक कराया, तो उन्होंने बताया कि कोई बात नही है, ये गांठ दवाई से ठीक हो जाएगी, किन्तु वह गांठ ठीक नही हुई तो,वर्ष 2016 में उस गांठ में अत्यधिक दर्द व चुभन होने के कारण फिर डॉ को चेक कराया जिसमे गांठ वाले स्थान की बायोप्सी कराने की सलाह दी गयी, जिसमे गांठ वाले स्थान का सैंपल लिया गया जिसको आहूजा पैथोलॉजी एंड इमेजिंग सेन्टर एश्लेहोल में जांच कराई गई, जिसमे जांच रेपोर्ट मे केवल endometriosis होना प्रकाश में आया,

जिसे डॉ ने महिलाओ में नार्मल बीमारी होना बताया, औरकुछ दवाई दे दी, मार्च 2016 में इनकी पत्नी को पुनः परेशानी होने पर डॉ को चेक कराया तो बताया कि पेट मे फ्लूड इकट्ठा हो गया हे ऑपरेशन करना पड़ेगा, जिसका ऑपरेशन कर दिया गया, तथा फ्लड को शीशी में लाकर बायोप्सी हेतु आहूजा लैब के लिए रेफर किया गया, उपरोक्त की भी जांच में endometriosis होना ही बताया गया। तथा ट्रीटमेंट के लिए कहा गया, किन्तु गांठ बनाना बंद नही हुई, परेशानी और ज्यादा बढ़ने लगी, कुछ सजक होने पर इन्होंने अपने पारिवारिक डॉ से सलाह ली जिन्होंने उक्त स्लाइड के टेस्ट दिल्ली से कराने की सलाह दी, दिल्ली से उक्त स्लाइड्स का टेस्ट कराने पर कैंसर पॉजिटिव होना पाया गया, जो कि लास्ट स्टेज पर था, डॉ दारेश dodamani द्वारा बार बार आहूजा लैब से ही टेस्ट कराने के बाद भी कैंसर पॉजिटिव होना नही पाया जाना, तथ उन्ही स्लाइड्स का अन्य लैब से कराये जाने पर कैंसर पॉजिटिव आना जो कि लास्ट स्टेज पर कैंसर की जनकारीहोने पर वादी की पत्नी की मृत्यु हो जाना, जिसमे डॉ0 व आहूजा पैथोलॉजी लैब के संचालक व संबंधित कर्मियों द्वारा लापरवाही पूर्वक व्यवहार से वादी की पत्नी की मृत्यु कारित किया जाने संबंधी प्राथना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली पर उक्त के विरुद्ध मु0अ0स0 318/2018 धारा 304A IPC पंजीकृत किया गया है। जिसकी विवेचना की जा रही है।

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