उत्तराखंड में जिला योजना 73 फीसदी व्यय काम की तेज़ी कई जगह सुस्त

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उत्तराखंड में जिला योजना 73 फीसदी व्यय काम की तेज़ी कई जगह सुस्त

देहरादून जिला योजना में इस वर्ष अभी तक कुल विŸाीय स्वीकृतियों का लगभग 73 फीसदी व्यय किया जा चुका है। जबकि कुल प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष लगभग 86 फीसदी की विŸाीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है। नियोजन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिला योजना के लिए कुल 702 करोड़ 8 लाख रूपए का बजट प्राविधान किया गया है जिसमें से 602 करोड़ 33 लाख रूपए राशि की विŸाीय स्वीकृतियां शासन द्वारा जारी कर दी गई हैं। जबकि 439 करोड़ 58 लाख रूपए व्यय किए जा चुके हैं।
जिला सेक्टर के लिए बजट आवंटन में देरी न हो , इसके लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर पिछले वर्ष की भांति ही शासन द्वारा जिलों को सीधे ही बजट दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। जिलों में विकास योजनाएं समय पर प्रारम्भ की जा सकें, इसके लिए को शासन से बजट की विŸाीय स्वीकृतियां अविलम्ब जारी की गईं। जिला स्तर पर स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग करते हुए व्यय किया गया है। कुल स्वीकृत राशि का लगभग 73 फीसदी जिलों द्वारा व्यय किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि जिला योजना के क्रियान्वयन में जिला स्तर पर तेजी से कार्य किया गया है।
‘‘समावेशी विकास’’ मुख्यमंत्री हरीश रावत का मूल मंत्र है। उनका मानना है कि जब तक दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास का लाभ नहीं मिलता है तब तक विकास मायने नहीं रखता है। जमीनी स्तर पर विकास योजनाएं साकार हो सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री रावत जिला योजनाओं के क्रियान्वयन पर खुद बारीकी से नजर रखे हुए हैं। वे न केवल शासन स्तर पर इसकी लगातार समीक्षा करते रहते हैं बल्कि जिलों में जाकर भी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ संबंधित जिलों की प्रगति की समीक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि न केवल जिला योजना की विŸाीय व भौतिक प्रगति में तेजी दिखाई जाए बल्कि कार्यों की गुणवŸाा भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों को भी अपने जिलों में जिला योजना के अंतर्गत विभागीय योजनाओं पर नजर बनाए रखने व शासन से समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव भीे जिला योजना के क्रियान्वयन की लगातार माॅनिटरिंग कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। इस विŸाीय वर्ष की समाप्ति में अभी तीन माह से अधिक समय शेष है, फिर भी प्राविधानित बजट के सापेक्ष 86 फीसदी विŸाीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है जबकि स्वीकृतियों के सापेक्ष 73 प्रतिशत राशि व्यय की जा चुकी है। जिला योजना में शत प्रतिशत स्वीकृतियां व व्यय सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राविधानित बजट के सापेक्ष नैनीताल जिले के लिए 99.44 प्रतिशत, पिथौरागढ़ के लिए 100 प्रतिशत, अल्मोड़ा के लिए 75.17 प्रतिशत, बागेश्वर के लिए 89.30 प्रतिशत, चम्पावत के लिए 94.90 प्रतिशत, पौड़ी के लिए 84.64 प्रतिशत, टिहरी के लिए 75.40 प्रतिशत, चमोली के लिए 77.82 प्रतिशत, उŸारकाशी के लिए 99.65 प्रतिशत, रूद्रप्रयाग के लिए 99.98 प्रतिशत, हरिद्वार के लिए 92.55 प्रतिशत, उधमसिंहनगर के लिए 100 प्रतिशत व देहरादून के लिए 49.20 प्रतिशत की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
स्वीकृतियों के सापेक्ष नैनीताल जिले में 83.79 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 57.35 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 69.27 प्रतिशत, बागेश्वर में 63.92 प्रतिशत, चम्पावत में 83.33 प्रतिशत, पौड़ी में 66.41 प्रतिशत, टिहरी में 73.65 प्रतिशत, चमोली में 71.39 प्रतिशत, उŸारकाशी 78.96 प्रतिशत, रूद्रप्रयाग में 42.77 प्रतिशत, हरिद्वार में 79.89 प्रतिशत, उधमसिंहनगर में 93.39 प्रतिशत व देहरादून में 83.60 प्रतिशत व्यय किया जा चुका है। उक्त आंकड़ों से स्पष्ट है कि न केवल शासन स्तर से अनुमोदित बजट के सापेक्ष स्वीकृतियां जारी करने में न केवल तेजी दिखाई गई है बल्कि जिला स्तर पर भी एक-दो जिलों को छोड़कर व्यय का प्रतिशत बेहतर रहा है।

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