कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर वृंदांवन में राधे राधे

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कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर वृंदांवन में राधे राधे 

5243th Birth Anniversary of Lord Krishna 25 august

कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भारत ही नहीं विदेशो में भी धूम मची हुई है उत्तर प्रदेश राज्य वृंदांवन कृष्ण की नगरी में जहा लाखो लोगो की भीड़ उमड़ रही है वही बाके बिहारी के मंदिर में भगवान कृष्ण की नगरी राधे राधे के भजन से लेकर उत्सव में डूबी हुई है वही दूसरी तरफ कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बुधवार को व्रत रखा गया है जब की २५ अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूम धाम से मनाया जायेगा वही इस दिन मटकी फोड़ने की प्रथा को भी किया जाता है
भारत विविधताओं का देश है और त्योहारों से इसकी सांस्कृतिक विरासत का अहसास होता है। आज भी कुछ लोग धर्म और कट्टरवाद से ऊपर उठकर खुशी को अहमियत देते हैं हुए हिन्दू- मुस्लिम की एकता की मिसाल बने हुए हैं।जी हां राजस्थान में एक जगह ऐसी भी है, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग दरगाह में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाते हैं। कम ही लोगों को ही इसकी जानकारी होगी। राजधानी जयपुर से 200 किलोमीटर दूर झुंझुनू जिले के चिरवा स्थित नरहर दरगाह, जिसे शरीफ हजरत हाजिब शकरबार दरगाह के रूप में भी जाना जाता है।

 Krishna Janmashtami Fasting Rules 

यहां भगवान कृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिनों का उत्सव आयोजित किया जाता है। त्योहार के दौरान दरगाह के आस-पास 400 से ज्यादा दुकानें सज जाती हैं। जन्माष्टमी की रात यहां मंदिरों की तरह ही कव्वाली, नृत्य और नाटकों का आयोजन होता है।दरगाह के सचिव उस्मान अली कहते हैं, ‘यह कहना बेहद मुश्किल है कि यह त्योहार कब और कैसे शुरू हुआ, लेकिन इतना जरूर है कि यह राष्ट्रीय एकता की सच्ची तस्वीर पेश करता है। क्योंकि त्योहार को यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख साथ मिलकर मनाते हैं।’

उन्होंने कहा कि नवविवाहित जोड़े यहां खुशहाल और लंबे वैवाहिक जीवन की मन्नतें मांगने आते हैं। पास के गांव की रेखा ने कहा कि वह यहां पिछले दो साल से आ रही हैं। यहां आकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है। साथ ही वह मेले का भी लुत्फ उठाती हैं।पठान ने आगे कहा, ‘यह पर्व पिछले 300-400 वर्षों से मनाया जा रहा है। यहां हर समुदाय के लोग आते हैं। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं और मुस्लिमों में भाईचारे को बढ़ावा देना है।’त्योहार के दौरान यहां बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग आते हैं। उन्होंने कहा, ‘यहां हजारों हिंदू आते हैं और दरगाह में फूल, चादर, नारियल और मिठाइयां चढ़ाते हैं।’

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